मॉस्को: रूस की विदेशी खुफिया सेवा (SVR) ने मंगलवार को एक दावा किया है कि ब्रिटेन और फ्रांस चुपके से यूक्रेन को परमाणु हथियार ट्रांसफर करने की योजना बना रहे हैं। यह आरोप रूस के यूक्रेन में 'विशेष सैन्य अभियान' के 5वें साल में प्रवेश करने के ठीक उसी दिन सामने आया है, जब फरवरी 2022 में पूर्ण पैमाने पर युद्ध शुरू हुआ था। SVR ने अपनी रिपोर्ट में बिना किसी ठोस सबूत के कहा कि लंदन और पेरिस जानते हैं कि उनकी यह योजना अंतरराष्ट्रीय कानूनों, खासकर परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का घोर उल्लंघन है, जिससे वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था को खतरा पैदा हो सकता है।
एजेंसी का दावा है कि पश्चिमी देशों की मुख्य रणनीति यह दिखाने की है कि यूक्रेन ने खुद परमाणु हथियार विकसित किए हैं, जबकि वास्तव में ब्रिटेन और फ्रांस उपकरणों और तकनीकों के जरिए यूक्रेन को परमाणु हथियार या उनके डिलीवरी सिस्टम उपलब्ध करा रहे हैं। रिपोर्ट में जर्मनी का नाम लेते हुए कहा गया कि बर्लिन ने इस खतरनाक कार्य में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है।
SVR के अनुसार, ब्रिटेन और फ्रांस का मानना है कि यूक्रेन के पास परमाणु हथियार या कम से कम एक 'डर्टी बम' होने से वह चल रही शांति वार्ताओं में अधिक अनुकूल शर्तें हासिल कर सकता है, क्योंकि यूक्रेनी सेना के जरिए रूस पर जीत की संभावना कमजोर पड़ गई है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यूक्रेन का गैर-परमाणु राज्य रहना संघर्ष समाधान की प्रमुख शर्तों में से एक है। उन्होंने कहा, "यह जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पूरे परमाणु अप्रसार व्यवस्था के लिए खतरा पैदा करती है।"
पेसकोव ने जोर दिया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जून 2024 में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक में यूक्रेन संकट के निपटारे की शर्तें स्पष्ट की थीं। उन्होंने कहा कि यह बहुत खतरनाक जानकारी है और इसे चल रही बातचीत में जरूर ध्यान में रखा जाएगा। इस बीच, रूस के सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने चेतावनी दी कि यदि ब्रिटेन या फ्रांस यूक्रेन को परमाणु तकनीक या हथियार प्रदान करते हैं, तो रूस को गैर-रणनीतिक परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
रूसी विदेश मंत्रालय ने भी परमाणु शक्तियों के बीच सीधे टकराव के जोखिमों की चेतावनी जारी की है। वहीं, ब्रिटेन और फ्रांस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने इसे पूरी तरह झूठ बताया, जबकि फ्रांसीसी पक्ष ने इसे स्पष्ट झूठ करार दिया। यूक्रेन ने भी दावों को बेतुका कहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी मध्यस्थता में शांति वार्ता का अगला दौर 27 फरवरी को जिनेवा में होने की संभावना है।
यह भी पढ़ें:
रूस के साथ जंग के 4 साल पूरे होने पर जेलेंस्की ने दिया बड़ा बयान, बोले- 'यूक्रेनवासियों को तोड़ नहीं पाए पुतिन'अमेरिका ने डिकोड किया चीन का न्यूक्लियर प्लान! बताया 2030 तक बीजिंग के पास होंगे 1000 परमाणु हथियार
संपादक की पसंद